अनाया बांगर अब मार्च में करवाएंगी जेंडर अफर्मेशन सर्जरी, पिता संजय बांगर का पूरा सपोर्ट


लखनऊ/मुंबई। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर (जन्म नाम आर्यन बांगर) ने एक बड़ा और व्यक्तिगत फैसला लिया है। अनाया, जो खुद एक क्रिकेटर और ट्रांसजेंडर राइट्स एडवोकेट हैं, मार्च 2026 में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (वेजाइनोप्लास्टी) करवाने जा रही हैं। इस सर्जरी के बाद वे पूरी तरह से महिला के रूप में पहचानी जाएंगी।
अनाया ने हाल ही में मीडिया को दिए इंटरव्यू में खुलासा किया कि अब उन्हें परिवार का पूरा भावनात्मक और आर्थिक समर्थन मिल गया है। खासकर उनके पिता संजय बांगर ने सर्जरी का पूरा खर्च उठाने का फैसला किया है। अनाया ने कहा, “मैं मार्च में जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी (वेजाइनोप्लास्टी) करवाऊंगी। फैशन डिजाइनर सैशा शिंदे और एक्ट्रेस त्रिनेत्रा हल्दर गुम्माराजू, जिन्होंने भी यह प्रक्रिया पूरी की है, उन्होंने मुझे गाइड किया है। सर्जरी बैंकॉक (थाईलैंड) के उसी क्लिनिक में होगी, जहां मुझे कम से कम एक महीना रहना पड़ेगा। उसके बाद रेस्ट की जरूरत होगी। क्रिकेट खेलने में कम से कम 6 महीने लग सकते हैं, लेकिन मैं खुश हूं कि यह आखिरकार हो रहा है।”
परिवार का सफर: शुरुआती विरोध से पूर्ण समर्थन तक
अनाया की जर्नी आसान नहीं रही। उन्होंने बताया कि ट्रांजिशन की शुरुआत में परिवार से दूरी और समझ की कमी थी। एक समय ऐसा भी था जब संजय बांगर उनसे बात तक नहीं करते थे। लेकिन धीरे-धीरे समाज ने अनाया को सम्मान दिया—लोग सेल्फी लेने आए, अवॉर्ड शो में बुलाया गया, और उनकी बहादुरी की सराहना हुई। इससे परिवार का नजरिया बदला। अब छोटे भाई अथर्व तो शुरू से साथ थे, और माता-पिता (संजय और कश्मीरा बांगर) ने भी पूरी तरह सपोर्ट कर दिया है।
अनाया ने कहा, “मैं 5 साल से इस पल का इंतजार कर रही थी। मैंने थेरेपी, मेडिकल इवैल्यूएशन और सेल्फ-रिफ्लेक्शन के बाद यह फैसला लिया। एक समय मैं यूके में अकेली थी, लेकिन अब परिवार का साथ है।”
अनाया की पहचान और उपलब्धियां
अनाया पहले से ही क्रिकेट खेलती रही हैं—भारत और यूके में क्लब स्तर पर। वे ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लिए आवाज उठाती हैं और सोशल मीडिया पर अपनी जर्नी शेयर करती हैं। उनकी इंस्टाग्राम (@anayabangar) पर लाखों फॉलोअर्स हैं, जहां वे फैशन, ब्यूटी और क्रिकेट से जुड़े कंटेंट पोस्ट करती हैं।
समाज में बदलाव का संकेत
भारत जैसे देश में जहां LGBTQ+ मुद्दों पर अभी भी काफी स्टिग्मा है, अनाया की कहानी परिवार के स्तर पर स्वीकृति और समर्थन का एक सकारात्मक उदाहरण है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 90% लोग पहले से ही उन्हें लड़की के रूप में देखते थे, और अब यह “ऑफिशियल” होने जा रहा है।
संजय बांगर, जो भारतीय क्रिकेट में एक सम्मानित नाम हैं, ने अपनी बेटी के इस सफर में साथ देने का फैसला कर कई लोगों के लिए प्रेरणा का काम किया है।
