कानपुर: HDFC बैंक पनकी ब्रांच में महिला कर्मचारी का वायरल वीडियो, ‘ठाकुर हूं मैं’ बयान पर मचा बवाल


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर में HDFC बैंक की पनकी शाखा में हुई एक बहस का 43 सेकंड का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में बैंक कर्मचारी आस्था सिंह (Astha Singh) गुस्से में दिख रही हैं, जहां वे कहती सुनाई दे रही हैं: “ठाकुर हूं मैं… ज्यादा मत बोलो… बकचोदी मत करना मेरे से… ऐसी की तैसी कर दूंगी”। वे लैपटॉप उठाकर आक्रामक मुद्रा में भी नजर आ रही हैं।यह घटना 6 जनवरी 2026 की बताई जा रही है, लेकिन वीडियो हाल ही में (फरवरी 2026 में) वायरल हुआ। आस्था सिंह इसी ब्रांच में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वायरल वीडियो सबसे पहले ऋषि त्रिपाठी ने शेयर किया, जो उसी ब्रांच में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी रितु त्रिपाठी कैशियर हैं और रिजॉइन कर रही थीं। रितु के साथ ऋषि की बहन भी बैंक आई थी। डेटा कलेक्शन या प्रोसेस में देरी पर बहस शुरू हुई, जिसमें ऋषि की बहन ने आस्था से विवाद किया। बहन ने भाई को शिकायत की, जिसके बाद ऋषि त्रिपाठी ने आस्था को धमकाया और गालियां दीं (जैसे “तुम्हारी गर्मी निकाल दूंगा”, “सारी हेकड़ी खत्म कर दूंगा”)।आस्था ने जवाब में “ठाकुर हूं मैं” कहा और गुस्से में प्रतिक्रिया दी। वायरल क्लिप में केवल आस्था की प्रतिक्रिया दिखाई गई है; पहले का हिस्सा (अभद्रता और धमकी) छिपा रहा, जिससे सेलेक्टिव एडिटिंग का आरोप लगा।
आस्था सिंह का पक्ष
आस्था सिंह ने मीडिया चैनलों से एक्सक्लूसिव बातचीत में अपना पक्ष रखा,उन्होंने सच्चाई उजागर करते हुए कहा कि यह किसी ग्राहक से नहीं, बल्कि सहकर्मी (रितु त्रिपाठी) के पति से बहस थी। सामने वाला पक्ष पहले अभद्र था, जाति पूछी और धमकाया।भाषा गलत थी, लेकिन “ठाकुर हूं मैं” कहने पर गर्व है (“मुझे इस बात पर पूरा गर्व है, जय श्री राम”)। उन्होंने खुद एक वीडियो जारी किया, जिसमें कहा: “बैंककर्मी का पति बदतमीजी कर रहा था, मुझसे जाति पूछ रहा था… इसलिए मैंने ऐसा कहा। मैं ठाकुर हूं, मुझे गर्व है।”
बैंक की स्थिति
HDFC बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है (10 फरवरी 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार)। मामला जांच के दायरे में हो सकता है, और बैंक कर्मचारियों के व्यवहार पर सवाल उठ रहे हैं।
